पिथौरागढ़: उड़ान के सपने और हकीक़त

पिथौरागढ़ : उड़ान के सपने और हकीक़त


  • Written By - Deepak Upreti Published On Mar 21, 2020

मुझे आज भी अच्छी तरह याद है उस समय मेरी उम्र शायद 7 या 8 वर्ष के आस पास होगी जब में अपने परिवार के साथ घूमने के लिए रूड़की गया , पहली बार नीले आसमां में तेज़ आवाज़ के साथ एक छोटे सफ़ेद पक्षी सामान प्लेन को उड़ते हुए देखा और ज़ाहिर सी बात है बचपन के उस दौर में पहली बार प्लेन को सामने से उड़ते हुए देख ख़ुशी और हैरानी से उछलते कूदते प्लेन पर बेठने की जिद से मैंने पूरा घर सर पर उठा लिया, तब मेरे पिताजी ने कहा , अरे अब तो हमारे पिथौरागढ़ में भी प्लेन उड़ने वाला है जब वह उड़ेगा तुझे भी बैठा देंगे, पिताजी की बात सुनकर में शांत हो गया इस उम्मीद में की वापिस घर जाकर प्लेन में बैठूँगा | मेरा वह इंतजार जो मुझे लगा था घर जाते ही पूरा हो जाएगा, कितना लम्बा रहा होगा इसका आप सभी को अनुमान हो ही गया होगा खैर मेरे जीवन में क्रांति आई वर्ष 2017 की शुरुआत में जब विधान सभा के चुनाव होने थे और दावा किया गया की अब जल्द ही हमारे पिथौरागढ़ में भी हवाई यात्रा की सेवा सुचारू रूप से चलेगी यह खबर सुनकर मेरे अंदर का वही बच्चा फिर से गुलाटियां मारने लगा और मैंने गौर किया केवाल मैं ही नहीं लगभग पूरे नगर में सभी उत्साहित थे, फिर चुनावी लहर आई और हवाई सेवा को भी अपने साथ बहा ले गयी | फिर मैंने भी आस छोड़ दी के कभी हमारे इस नगर में कभी हवाई सेवा चालू होगी, पर मेरी आस जगाई 2019 के लोक सभा चुनाव ने जब चुनाव से पहले जब धूम धाम के साथ 16 जनवरी को सेवा सचमुच शुरू हो गयी, फेसबुक और whatsapp पर पोस्ट पर पोस्ट शेयर हुए वही अखबारों व् कुछ न्यूज़ चैनल्स ने भी यह खबर दिखाई पर सेवा के चालू होने के कुछ समय बाद ही सेवा फिर से बंद कर दी गयी, कभी वजह बताई गयी की कुछ तकनिकी कारण हैं कभी कहा गया शायद हवाई पट्टी का और विस्तारीकरण किया जाएगा तो कभी कुछ कभी कुछ, इन्ही कभी कुछ कभी कुछ में महीनो कभी सेवा चालू होती तो कभी ठप्प |



अब आप सोचेंगे इस ब्लॉग में मैं यह सब क्यों लिख रहा हूँ ? इसिलय क्यूंकि शायद आप में से भी बहुत से लोग न जाने कितने वर्षों से मेरी ही तरह हमारे इस खूबसूरत नगर से प्लेन के सुचारू रूप से उड़ने का इंतज़ार कर रहे होंगे, और अगर नहीं कर रहे तो मेरी नज़र में आप एक दूरदर्शी व समझदार व्यक्ति हैं क्यूंकि जो कर रहे हैं उन्हें भी मेरी ही तरह सालों से बेवक़ूफ़ ही बनाया जा रहा है, अब बेवकूफ कौन बना रहा है ये आपसे ओर हमसे बेहतर कौन समझेगा ? अब बेवक़ूफ़ बोलने पर शायद आप में से कुछ लोग नाराज़ हो जाएँ, पर अंदर ही अंदर आप भी जानते हैं मैं सच ही बोल रहा हूँ जो थोड़ा सा कड़वा और पचाने में कठिन है | आज मेरी उम्र 25वर्ष हो गयी है और आज भी में अपने नगर से उड़ने वाले प्लेन में नहीं बैठ पाया हूँ , पर जिस तरह की खबरे सामने आ रही हैं लग रहा है अच्छा ही हुआ की नहीं बैठा , शुक्रवार यानी की 20 मार्च को जब गाज़ियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे से उड़ान भरकर आये हुए प्लेन ने शाम 3:30 बजे जब नैनी सैनी हवाई पट्टी पर लैंड किया तो लैंड करते हुए फिसलता हुआ रनवे ट्रैक से बाहर आ गया, गनीमत यह रही के किसी को भी किसी प्रकार की कोई चोट नहीं आई और कोई नुकसान नहीं हुआ | घटना की खबर पाते ही जिलाधिकारी जी भी हवाई अड्डे पहुंचे और जगह का मुआयना किया और जांच के आदेश दे दिए | हैरानी की बात यह है की यह ऐसी पहली खबर नहीं है, पहले भी एक बार प्लेन के दरवाज़े की टेक ऑफ करते हुए खुल जाने की खबर सामने आई थी और प्लेन की हालत पर भी कई बार सवाल खड़े किये गए हैं | खैर क्या फर्क पड़ता है? क्यूंकि अगर फर्क पड़ता तो शायद कोई ठोस कदम उठाये जाते | हवाई यात्रा का सबसे बड़ा फायदा यह है की यह समय की बचत करती है ख़ास कर हमारे पिथौरागढ़ के निवासिओं के लिए जिन्हें सड़क से दिल्ली या देहरादून जाने के लिए 15 से 18 घंटे का सफर तय करना पड़ता है हमारे लिए हवाई सेवा का कितना महत्त्व है यह आसानी से समझा जा सकता है | अब अगर इसी समय को बचाने के लिए हम हवाई यात्रा करते हैं और फिर बिना किसी पूर्व सूचना के कभी फ्लाइट लेट तो कभी कभी रद्द हो जाती है तो फिर क्या कहा जा सकता है ? क्यूंकि न आपको कोई दिक्कत है न मुझे| अब अगर इतने साल इंतज़ार कर ही लिया है कुछ साल और सही, और यकीन मानिए अगले विधान सभा चुनाव के समय यह हवाई सेवा फिर से सुचारू हो जाएगी और इस बार कोशिश करनी है की हम अब बेवक़ूफ़ न बनें (फिर से ) |