विश्व पर्यटन दिवस

विश्व पर्यटन दिवस, 27 सितम्बर


  • Written By - Sundar Dhami Published On Sep 27, 2019

आज विश्व पर्यटन दिवस है। 27 सितम्बर को हर वर्ष विश्व भर में पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से पर्यटन दिवस मनाया जाता है। पर्यटन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण भाग है। उत्तराखंड दुनिया की 7वीं सबसे बड़ी पर्यटन अर्थव्यवस्था है। इसका कारण है उत्तराखंड की भौगोलिक और सांस्कृतिक विभिन्नता। इसी विभिन्नता की विरासत को देखने दुनिया भर से हर जाने लाखों की संख्या में पर्यटक उत्तराखंड आते हैं।

उत्तराखंड राज्य में अनेक पर्यटन स्थल हैं। प्राकृतिक सौंदर्य व वन्यजीव के लिए राज्य प्रसिद्ध है और साथ ही देवभूमि के नाम से जाने जाने वाला राज्य दुनिया भर में आस्था का केन्द्र है। साहसिक खेलों को भी पिछले कुछ वर्षों को बहुत बढ़ावा मिलने से आज साहसिक खेलों में भी उत्तराखंड काफी आगे है। उत्तराखंड पहुंचने के लिए दिल्ली से देहरादून और पंतनगर की हवाई सेवाएँ मौजूद हैं व ट्रेन से भी कुछ क्षेत्रों तक पहुंचा जा सकता है। आँकडों के हिसाब से उत्तराखंड में हर वर्ष विदेशी पर्यटकों की संख्या करीबन 1.5 लाख है और भारतीय पर्यटकों की 3.46 करोड़ है। इतनी भारी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड राज्य में आते हैं और इसी वजह से 2017 में उत्तराखंड को India Today Torusim Awards द्वारा Best Adventure Destination अवार्ड भी दिया गया। इसी तरीके से उत्तराखंड को पर्यटन क्षेत्र में अनेक अवार्ड मिल चुके हैं। केदारनाथ बद्रीनाथ, पंच केदार जैसे श्रद्धा स्थलों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। दुनिया भर से लोग इस सुन्दर जगह पर आस्थापूर्ण हो जाते हैं।

पिथौरागढ़ की भी पर्यटन के क्षेत्र में काफी गुंजाइश है। पिथौरागढ़ को इसकी सुन्दरता और प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए मिना कश्मीर के नाम से जाना जाता है। पिथौरागढ़ समुद्रतल से 1514 मीटर की उँचाई पर 7 वर्ग किलोमीटर की परिधि में बसा हुआ है। यह नगर सुन्दर घाटी के बीच बसा है, जिसकी लम्बाई 8 किलोमीटर और चौड़ाई 15 किलोमीटर है। पिथौरागढ़ नगर में पर्यटकों के रहने-खाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। यहाँ कुमाऊं मंडल विकास निगम का 44 शैयाओं का एक पर्यटक आवासगृह है। नगर में ही चण्डाक, मोस्टमानू, थल केदार मंदिर, पिथौरागढ़ किला जैसी जगहों में घूमा जा सकता है। जिले में मुन्स्यारी, बिर्थी फाॕल, धारचूला, अस्कोट वन्यजीव सैंच्यूरी जैसे पर्यटक आकर्षण हैं। पिथौरागढ़ के मेले, त्योहारों और संस्कृति भी पर्यटकों को आकर्षित करती है।

टूरिज्म डे को मनाने के पीछे कारण है कि इस माध्यम से लोगों को यह समझाया जा सके कि किस प्रकार पर्यटन वैश्विक, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्यों को बढ़ाने में सहायक होता है। पर्यटन के लिए माकूल देवभूमि पर सभी पर्यटकों के लिए दुनिया से अलग रोमांच और जानने को है।

पर्यटकों के लिए पिथौरागढ़ भी एक प्राणपोषक स्थल है, जहाँ पर्यटक बहुत कुछ पा सकते हैं। अगर आप पिथौरागढ़ घूमने की इच्छा रखते हैं तो आप सीटी पिथौरागढ़ को सम्पर्क कर सकते हैं, हम पिथौरागढ़ के भ्रमण में आपकी पूरी मदद करेंगे।

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